RAM MANDIR अयोध्या राम मंदिर (Ram Mandir)के बारे में  Top 5 बातें जाने

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अयोध्या राम मंदिर (Ram Mandir)के बारे में  Top 5 बातें जाने

राम मंदिर का निर्माण एक विवादित और महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटना है जो भारतीय समाज में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। इसका संबंध भगवान राम के जन्मस्थल के स्थान के साथ है, जिसे अयोध्या में माना जाता है। यहां, हम राम मंदिर के निर्माण की संक्षेप में सूचना प्रदान करेंगे।

  1. Ram Mandir राम मंदिर इतिहास 

**1. प्राचीन काल में अयोध्या:**

अयोध्या का इतिहास सनातन धरोहर से जुड़ा हुआ है। भगवान राम का जन्म इसी स्थान पर हुआ था, जिसने अयोध्या को ‘राम जन्मभूमि’ बना दिया। रामायण के अनुसार, भगवान राम ने अपने पिता राजा दशरथ के राज्याभिषेक के बाद अयोध्या में राज्य संभाला।

 

**2. बाबर का आगमन:**

बाबर, मुघल साम्राज्य के संस्थापक, ने 1528 में अयोध्या में राम मंदिर को तोड़कर बाबरी मस्जिद का निर्माण किया। इसके बाद, इस स्थान पर मस्जिद खड़ी हो गई और यह स्थान मुस्लिम साम्राज्य का हिस्सा बन गया।

 

**3. बाबरी मस्जिद का विवाद:**

राम मंदिर के स्थान पर बाबरी मस्जिद का निर्माण हिंदू-मुस्लिम विवाद का कारण बन गया। 1992 में, कई हिंदू समूहों ने बाबरी मस्जिद को तोड़कर राम मंदिर की बहाली की कोशिश की, जिससे यह विवाद और बढ़ गया।

 

**4. अदालती मुद्दा:**

राम मंदिर बनाने के लिए हिंदू समूह और मुस्लिम समूह के बीच विचारात्मक और कानूनी जंग चली। सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर कई बार सुनवाई की और न्यायिक निर्णय दिया। 2019 में, सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद स्थल के लिए एक निर्णय दिया और राम मंदिर के निर्माण की अनुमति दी।

Ram Mandir राम मंदिर निर्माण video Linkhttps://youtu.be/xoMVz-p4p5o?si=ByiWcAb8Tf_lJBO_

**5. निर्माण की शुरुआत:**

2020 में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का शिलान्यास किया। इसके बाद, राम मंदिर की निर्माण प्रक्रिया शुरू हो गई है और यह भव्य मंदिर बनने की दिशा में बढ़ रहा है।

 

**6. सामाजिक प्रभाव:**

राम मंदिर के निर्माण का यह प्रयास भारतीय समाज में एकता और भाईचारे को बढ़ावा

 

देने का उदाहरण है। यह एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल होने के साथ-साथ, सामाजिक और राजनीतिक महत्व रखता है।

 

**समापन:**

Ram Mandir राम मंदिर का निर्माण भारतीय समाज के लिए एक महत्वपूर्ण पल है जो धार्मिक, सांस्कृतिक, और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से देखा जा सकता है। इसका निर्माण सामूहिक एकता और समरसता की भावना को बढ़ावा देने का प्रयास करता है और भगवान राम के भव्य मंदिर के रूप में उभरने का सपना पूरा कर रहा है।

 

इसे भी पढ़ें – राम मंदिर, अयोध्या में स्थित होने वाला एक ऐतिहासिक हिन्दू मंदिर है। इसका निर्माण श्रीराम भगवान के भगवान विश्वनाथ के पूर्वज राजा भगवदान के द्वारा हुआ था। सन् 1528 में, बाबर के शासनकाल में, एक मुस्लिम सम्राट ने इस स्थान पर बाबरी मस्जिद की नींव रखी थी।

 

1989 में बाबरी मस्जिद के बाबरी मस्जिद के मामले के बाद, एक राजनैतिक और सामाजिक आंदोलन चला, जिसका उद्देश्य था राम जन्मभूमि पर मंदिर का निर्माण करना। 2019 में, सुप्रीम कोर्ट ने इस स्थान को भगवान श्रीराम के जन्मस्थान मानकर और मुस्लिम पक्ष को एक अन्य स्थान पर ज़मीन देने का आदान-प्रदान किया।

 

2020 में, भूमि पूजन के बाद, राम मंदिर का निर्माण प्रारंभ हुआ और यह भव्य मंदिर भगवान श्रीराम की उपासना और धार्मिक स्थल के रूप में माना जाता है।

किसके शासन में बना – नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री अवधि में, भगवान श्रीराम के जन्मस्थान पर राम मंदिर का निर्माण आरंभ हुआ। 2020 में भूमि पूजन के बाद, यह भव्य मंदिर भारतीय समर्पण और धार्मिक संवेदनशीलता का प्रतीक बना है।

 

भगवान राम के बारे में (About lord Ram mandir) – भगवान राम हिन्दू धर्म के एक प्रमुख देवता हैं, जिन्हें ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’ भी कहा जाता है। रामायण, एक प्राचीन एपिक कथा, उनके जीवन की कहानी को विस्तृत रूप से बताती है।

 

भगवान राम का जन्म अयोध्या में हुआ था और उनके पिता का नाम राजा दशरथ था। राम ने सीता के साथ स्वयंवर में धनुष टूड़कर सीता से विवाह किया था। हानुमान, लक्ष्मण, और भरत उनके प्रमुख साथी थे।

 

राम को धर्म, नैतिकता, और मानवता के परिप्रेक्ष्य में एक आदर्श पुरुष के रूप में पूजा जाता है। उनकी चरित्रगाथा लोगों को धार्मिक और नैतिक मूल्यों की पाठशाला प्रदान करती है।

लिंक – VIRAT KOHLI NET WORTH

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